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Oscars award 2019 पढ़े ऐसे मौके जब ऑस्कर अवॉर्ड को कहा गया ‘धोखा’

ऑस्कर अवार्ड 1929 में शुरू हुए थे। ऑस्कर अवार्ड को पाना फिल्मी दुनिया से जुड़े हर कलाकार का सपना होता है। हम आपको बता रहे हैं ऐसे मौके जब ऑस्कर के चुनाव ने सबको चौंका दिया। इन अवार्ड्स के दौरान कई ऐसे मौके आए जब किसी कलाकार का नाम अवार्ड में ना होना या किसी का होना सबको चौंका गया।

Top moments when people says oscar award totally fake

2002 में आई फिल्म ‘द पियानिस्ट’ के लिए एड्रीन ब्रॉडी को बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिलना कई को भौंचक कर गया।

2004 में आई ‘क्रैश’ को बेस्ट फिल्म चुना जाना ऑस्कर के सबसे खराब फैसलों में एक माना जाता है। 

1996 में ब्रेवहार्ट को बेस्ट फिल्म का अवार्ड देना ऑस्कर अवार्ड में बड़ा अपसेट माना जाता है। ज्यादातर अखबार और क्रिटिक्स ‘अपोलो 13’ को फेवरेट मान रहे थे। 1996 में ब्रेवहार्ट को बेस्ट फिल्म का अवार्ड देना ऑस्कर अवार्ड में बड़ा अपसेट माना जाता है। ज्यादातर अखबार और क्रिटिक्स ‘अपोलो 13’ को फेवरेट मान रहे थे। 1999 में ‘सेविंग प्राइवेट रियान’ की जगह ‘शेक्सपियर’ इन लव’ को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिलने से फिल्मों के जानकार चौंक गए थे। 

(Photo by Christopher Polk/Getty Images)

1993 के अवार्ड्स में ‘माई कजिन विन्नी’ के लिए मारीसा टोमाई को बेस्ट स्पोर्टिंग एक्ट्रेस का अवार्ड दिया गया। उनके साथ चार और नाम इस अवार्ड के लिए नोमिनेट किए गए थे और मारीसा को सबसे कमजोर माना जा रहा था। उनके नाम की घोषणा के साथ ही इस पर कई सवाल हुए। 

1981 की बेस्ट फिल्म का अवार्ड चेरियट ऑफ फायर को दिया गया। सभी को उम्मीद थी कि ‘राइडर्स ऑफ द लॉस्ट आर्क’ को बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिलेगा। ऑस्कर ज्यूरी के इस फैसलें ने सबको चौंका दिया था।

कोपोला को 1973 की उनकी फिल्म ‘द गॉडफादर’ के लिए बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड तय माना जा रहा था। फिल्म की कमाई और समीक्षकों से मिली प्रतिक्रिया से कोपोला का पक्ष मजबूत था लेकिन अवार्ड उनको नहीं मिला। 

File

ग्रेस कैली को 1953 की फिल्म ‘ए स्टार इज बॉर्न’ के लिए 1954 के ऑस्कर के लिए सबसे अहम नाम थीं। जिस समय अवार्ड की घोषणा होनी थी वो बच्चे को जन्म देने के लिए अस्पताल में थे।

1941 में आई सिटिजन केन को फिल्म इतिहास की शानदार फिल्म माना जाता है। इस फिल्म को कई सर्वक्षणों में हॉलीवुड की सबसे संवेदनशील फिल्मों में से एक माना गया है। हर कोई मान रहा था कि इस फिल्म को कई ऑस्कर मिलेंगे लेकिन फिल्म को सिर्फ स्क्रीनप्ले के लिए अवार्ड मिला। इसको ऑस्कर के इतिहास का बड़ी असफलता माना जाता है।

1939 में कलार्क गेबल को ‘गोन विद द वाइंड’ और जिमी स्टेवर्ट को ‘मि. स्मिथ गोज टू’ की भूमिका के लिए तमाम फिल्मों के जानने वाले तय माने बैठे थे। इस साल ‘गुडबाय मि. चिप्स’ के लिए रोबर्ट जोनेट को बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला। इस फैसले ने उस वक्त के फिल्म के जानने वालों को चौंका दिया था। 1940 में जिमी स्टेवर्ट के एक कमजोर रोल के लिए अवार्ड मिला जिसे गुजरे साल की गलती को ढकने की एक कोशिश मानी गई।

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